17 जुलाई 2025 को चीन की सरकार ने घोषणा की है कि अब सभी सरकारी डिवाइसेस से Android हटा दिया जाएगा। स्थान पर एक नया चीनी ऑपरेटिंग सिस्टम लागू कर दिया गया है जो कि पूरी तरीके से क्लोज्ड सोर्स यानी कि बंद कोड पर आधारित होगा।
चीन ने Android बैन किया – नया Chinese Operating System लॉन्च
चीन मैं अब Android की जगह Harmonic Government Edition Operating System लांच हुआ है। आपके लिए जानना जरूरी है कि यह सिस्टम अभी केवल सरकारी डिवाइसेस पर लागू होगा। इसके अलावा यह नया सिस्टम पूरी तरीके से चाइना में बना है और इसे लाने का मुख्य कारण है डाटा सिक्योरिटी।
Android एक open source system है। लेकिन Google का कंट्रोल इस पर काफी हद तक रहता है। अब चाइना को डर है कि अमेरिका इसके जरिए स्पाइन कर सकता है या फिर डाटा चुरा सकता है। और दूसरी वजह यह भी है कि चाइना यूएस कंपनियों पर निर्भरता कम करना चाहता है और अपनी डाटा प्राइवेसी को कंट्रोल करना चाहता है। और इसके अलावा वह टेक्नोलॉजिकल आत्मनिर्भरता भी हासिल करना चाहता है।
चीन ने कौनसा OS लांच किया?
चीन ने अब Android की जगह Harmonic Government Edition Operating System लांच किया।
चीन ने कहा Google को अलविदा – क्या यह Data Privacy और Cyber Security के लिए है?
इस नए सिस्टम को कुछ रिपोर्ट्स में हार्मोनिक गवर्नमेंट एडिशन कहा जा रहा है। लेकिन यह Android का मॉडिफाइड वर्जन नहीं है बल्कि यह पूरी तरीके से नया कोड बेस है। अगर इसके फीचर्स की बात करें तो यह पूरी तरीके से चीन के सर्वर से जुड़ा है और यह कोई Google Play Store या फिर यूएस ऐप को सपोर्ट नहीं करेगा और इस कदम से चाइना अपनी टेक इंडिपेंडेंस को और भी बढ़ाएगा।
हर डाटा जो सरकारी डिवाइस में आएगा वो देश के भीतर ही इससे रहेगा और इससे फायदे ये होंगे कि इससे साइबर सिक्योरिटी मजबूत होगी और चीन में नेशनलिज्म को बढ़ावा मिलेगा और उसके टेक्नोलॉजी पर अब चाइना का खुद का कंट्रोल होगा।
क्या अब हर देश बनाएगा अपना खुद का Operating System?
फिलहाल चाइना ने यह कदम केवल सरकारी विभागों तक ही सीमित किया है। लेकिन भविष्य में यदि इससे सफलता मिलती है तो इसे आम लोगों के लिए भी लागू कर दिया जाएगा। अगर हम अभी की बात करें तो चाइना का यह कदम अमेरिका और बाकी दुनिया को एक बड़ा झटका दे सकता है।
भारत के लिए सबक – क्या India भी बनाएगा अपना स्वदेशी Mobile OS?
खासकर Google और Apple को इससे दुनिया पर कुछ असर पड़ सकता है। जैसे कि Google के डाटा एक्सेस पर इसका असर होगा। इसके अलावा विदेशी कंपनियां जो कि अभी चीन में काम कर रही है उनको चीनी बाजार में थोड़ी सी दिक्कत हो सकती है और आगे दूसरे देश भी इसी राह पर चल सकते हैं।
अगर हम इंडिया की बात करें तो हमारा देश भारत जो कि डिजिटल पावर बनना चाहता है उसके लिए भी एक प्रेरणा हो सकती है। लेकिन अब यहां पे सवाल ये बनता है कि क्या भारत अपना खुद का ओएस बनाएगा? अपना खुद का ऑपरेटिंग सिस्टम भारत लागू करेगा?
Android का भविष्य क्या है? क्या 2025 में Android का युग खत्म हो रहा है?
अब यहां पर एक सवाल और बनता है कि क्या Android का युग खत्म हो रहा है? क्या हर देश अपना OS बनाएगा? और क्या चीन का यह कदम आने वाले समय की नई शुरुआत है?
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